इस विधि से घर पर बनाइए खाद और धान में डालने पर धान 5 होगा गुना ज्यादा

जैविक कीटनाशक खाद घर पर कैसे बनाएं: आज के समय पर किसान बढ़ते हुए ख्वाबों के दाम से बहुत ही ज्यादा परेशान हो चुके हैं और बाजार से लाई हुई खाद जब हम खेत में डालते हैं तो कभी-कभी वह हमारे फसल को नुकसान पहुंचाती है लेकिन हम आपको एक जैविक विधि बताएंगे जिससे अगर आप घर पर खाद बनाकर खेती करते हैं तो उस हाथ को खेत में डालने के बाद आप की फसल में 5 गुना ज्यादा उपज होगी इस खाद को आप को बनाने के लिए कोई भी पैसा नहीं लगेगा घर पर उपस्थित सामग्री की मदद से आप किस खाद को बना लेंगे और माननीय या ना मानिए इसे फसल में डालने के बाद उपज बहुत ज्यादा होती है

जैविक खाद को घर पर कैसे बनाएं

  1. कंपोस्ट बिन का चयन करें: एक बिन या कंटेनर का चयन करें जिसे आप जैविक खाद बनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं। यह बिन बिना छेद वाला होना चाहिए ताकि प्रकृति के साथ विचारशीलता से खाद बनाई जा सके।
  2. खाद की सामग्री इकट्ठा करें: जैविक खाद में विभिन्न सामग्री जैसे रसायनिक मुक्त खाद, फल और सब्जियों के छिलके, गेहूं के भुसी, पत्तियां, घास कटा हुआ सामग्री, किचन एक रेखा, खेती से आयी रेखा आदि शामिल करें। ध्यान दें कि खाद में अधिकतम कार्बन सामग्री होनी चाहिए।
  3. समेकित करें: सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिश्रित करें ताकि वे एक संवेदनशील संरचना बनाएं। आप अल्पविराम द्वारा प्रक्रिया को शक्ति प्रदान करने के लिए इसे चकाचौंध के साथ मिश्रित कर सकते हैं।
  4. नमी और हवा की प्रबंधन करें: खाद को नमीपूर्ण रखने के लिए उसे नियमित रूप से पानी दें और ताजगी के लिए उसे नियमित रूप से चकाचौंध करें। सुनिश्चित करें कि खाद में पर्याप्त हवा संचरण हो रहा है, जिससे उसमें विषाणुओं की विक्रिया हो सके।
  5. परिणामानुसार अवधि दें: जैविक खाद को तैयार होने में समय लगता है। सामान्यतः, इसकी अवधि 2 से 6 महीने तक हो सकती है। आपको समय-समय पर खाद को हल्के हाथों से हिलाते रहना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि उसमें गर्माहट और विक्रिया दिख रही है।

जैविक खाद खेत में डालने से पहले किन बातों का ध्यान रखें

  • खाद की पर्याप्त परिमाण: यदि आप जैविक खाद को खेत में डालने जा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त मात्रा में खाद प्रदान कर रहे हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए आप जमीन की गुणवत्ता, उत्पादन के लक्ष्य, फसल की मांग और खाद के गुणवत्ता के मानकों का आकलन कर सकते हैं।
  • समयिकता: जैविक खाद को खेत में समय पर डालना महत्वपूर्ण है। आपको विशेष ध्यान देना चाहिए कि किसी भी विशेष अवधि के दौरान खाद को खेत में डालने से पहले और बाद में कोई बारिश नहीं होनी चाहिए, क्योंकि बारिश से खाद का प्रभाव प्रभावित हो सकता है।
  • छिड़काव: जैविक खाद को खेत में छिड़काव करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप उसे समान और आवेगी ढंग से छिड़का रहे हैं। छिड़काव के बाद, खाद को धीरे-धीरे खेत के माटी में मिश्रित करें।
  • संचयन और संरक्षण: जैविक खाद को खेत में डालने से पहले आपको उपयुक्त संचयन और संरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि खाद शुद्ध और सुरक्षित रहेगी, और उसकी उपयोगिता को बढ़ाया जा सकेगा।
  • उत्पादन और बांटवारा: जैविक खाद को खेत में डालने के बाद, आपको उत्पादन और बांटवारा की योजना बनानी चाहिए। आप निश्चित करें कि खाद समान रूप से फैली हुई है और उसे फसल के बाग़-बगीचे में या जहां आवश्यकता हो, उपयोग किया जा सकेगा।

जैविक खाद क्या होती है

जैविक खाद एक प्राकृतिक और उपयोगी खाद होती है जो पौधों को पोषण प्रदान करने के लिए प्रयोग की जाती है। यह खाद प्राकृतिक सामग्री से बनाई जाती है जैसे कि रसायनिक मुक्त खाद, कॉम्पोस्ट, गोबर, खेती से आयी खाद, पत्तियां, छिलका, कीटनाशक मुक्त सामग्री, आदि। जैविक खाद में प्रकृतिक तत्वों का संचय होता है जो मिट्टी को सुस्त और उपजाऊ बनाते हैं।

जैविक खाद का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारती है, मिट्टी की उपजाऊता बढ़ती है और मिट्टी की संरचना में सुधार होता है। यह पौधों को पोषण तत्व, माइक्रोऑर्गेनिज्म, और पोषण संश्लेषण प्रदान करती है जो पौधों की विकास, वृद्धि, और प्रतिरोधशीलता में मदद करते हैं। जैविक खाद प्राकृतिक प्रदूषण को कम करने में मदद करती है और प्रकृतिक खेती को प्रोत्साहित करती है। इसका उपयोग जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित प्रकोपों का सामना करने में भी किया जाता है।

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