यह पांच अमरूद की खेती कर लो हो जाओगे मालामाल

दोस्तों अगर आप भी खेती करते हो और खेती में मुनाफा नहीं होता है तो आज हम आपको बताएंगे अमरूद की खेती करके आप कैसे लाखों में मुनाफा बना सकते हैं सुनने में तो यह बहुत ही आम बात लगती है कि अमरूद की खेती करके पैसा कमाना यह किसी मजाक से कम नहीं है लेकिन हम आपको पांच ऐसी वैरायटी के बारे में बताने वाले हैं जिनकी खेती अगर आप करते हैं तो आप जरूर यहां से लाखों रुपया कमाने वाले हैं

देखिए दोस्तों आमतौर पर जब भी कोई किसान अमरूद की खेती करता है तो किसी भी वैरायटी के अमरुद वह देता है जिससे उस अमरुद को घुटने में ही 2 से 3 साल लग जाते हैं और उसे ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ता है लेकिन हम आपको एक ऐसे अमरूद की वैरायटी के बारे में बताएंगे जिन्हें बोने के मात्र 6 महीने बाद ही आप वहां से फल निकालकर बाजार में बेचकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं या फल शायद में बहुत बड़े होंगे और उसके साथ इनका स्वाद भी बहुत अच्छा रहेगा कुछ अमरूद के पेड़ पकने के बाद करने लगते हैं लेकिन यह अमरूद के पेड़ के फल पकने के बाद सर से बिल्कुल भी नहीं है

अमरूद की जल्दी फल देने वाली वैरायटी

  1. एम्परेडर वैराइटी: यह वैराइटी आमतौर पर बारिश के बाद जल्दी फल देती है। इसके फल बड़े होते हैं और स्वादिष्ट होते हैं।
  2. ताईवान वैराइटी: यह वैराइटी अप्रैल-मई के आसपास फल देने की क्षमता रखती है। इसके फल बड़े और मीठे होते हैं।
  3. पैटरसन वैराइटी: यह वैराइटी आमतौर पर 4-5 महीने में फल देती है। इसके फल मधुर और मोटे होते हैं।
  4. पैरागवे वैराइटी: यह वैराइटी शुरुआती गर्मियों में फल देती है। इसके फल मोटे होते हैं और मीठे और ताजगी भरे होते हैं।
  5. अहमदाबाद सुपर वैराइटी: यह वैराइटी मई-जून के आसपास फल देने की क्षमता रखती है। इसके फल सुंदर और मीठे होते हैं।

अमरूद की खेती में मुख्य बातें

  1. मौसम और जलवायु: अमरूद पेड़ उष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिकल) और सुखी जलवायु में अच्छी तरह से विकसित होते हैं। यह वृद्धि के लिए 25-32 डिग्री सेल्सियस तापमान और अच्छी बरसात की आवश्यकता होती है।
  2. मिट्टी: अमरूद के पेड़ गहरी, बाढ़ रहित, ड्रेनेज के साथ अच्छी मिट्टी में अच्छी तरह से विकसित होते हैं। मिट्टी का pH स्तर 5.5 से 7.0 के बीच होना चाहिए।
  3. पौधा चयन: स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधों का चयन करें। पौधों को पेड़ नर्सरी या प्राकृतिक उपज के द्वारा प्राप्त करें।
  4. प्रकाश और स्थान: अमरूद पेड़ सूर्यप्रकाश पर अच्छी तरह से विकसित होते हैं। उन्हें खुले स्थान पर या पूर्ण सूर्यप्रकाश वाले स्थान पर लगाएं।
  5. उचित खेती प्रबंधन: अमरूद की खेती में समय-समय पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में उचित खेती प्रबंधन की जरूरत होती है। इसमें पेड़ों का संचालन, पेड़ों की प्रगति का मूल्यांकन, उचित उपकरणों का उपयोग, उचित पानी प्रबंधन, रोगों और कीटों का नियंत्रण, उचित छाया प्रबंधन, और उचित फसल संगठन शामिल होते हैं।
  6. सयंत्रीय संरक्षण: उचित सयंत्रीय संरक्षण के साथ अमरूद पेड़ों को प्रबंधित करना महत्वपूर्ण है। यह रोगों और कीटों के प्रभाव को कम करने और प्रवाल प्रतिरोध को बढ़ाने में मदद करता है।
  7. समय पर संग्रहीत: अमरूद के फलों को समय पर संग्रहीत करें, जब वे पूरी तरह पक गए हों, लेकिन अभी तक बहुत कोमल नहीं हो गए हों। यह सुनिश्चित करेगा कि उनकी गुणवत्ता और स्वाद पर प्रभाव न पड़े।